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फ्रोज़न शोल्डर: लक्षण, कारण और बिना सर्जरी इलाज

Anna Rue
Anna Rue

We are committed to providing our patients with the highest quality of care.

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क्या आपके कंधे में इतना दर्द है कि हाथ ऊपर उठाना भी मुश्किल हो गया है? रोज़मर्रा के काम जैसे कपड़े पहनना, बाल बनाना या गाड़ी चलाना तकलीफदेह हो गया है? अगर हाँ, तो यह फ्रोज़न शोल्डर (Frozen Shoulder) हो सकता है।

फ्रोज़न शोल्डर जिसे एडहेसिव कैप्सुलाइटिस (Adhesive Capsulitis) भी कहते हैं, एक ऐसी स्थिति है जिसमें कंधे का दर्द धीरे-धीरे बढ़ता है और शोल्डर स्टिफनेस इतनी हो जाती है कि कंधा हिलाना लगभग नामुमकिन लगने लगता है। यह समस्या आमतौर पर 1 से 3 साल में ठीक हो सकती है, लेकिन सही उपचार से इस प्रक्रिया को काफी तेज़ किया जा सकता है।

इस ब्लॉग में आप जानेंगे कि फ्रोज़न शोल्डर क्यों होता है, इसकी तीन स्टेजेस क्या हैं, और कैसे काइरोप्रैक्टिक उपचार और फिज़ियोथेरेपी से बिना सर्जरी राहत पाई जा सकती है।

फ्रोज़न शोल्डर क्या होता है?

हमारा कंधा एक बॉल-एंड-सॉकेट जॉइंट है, जहाँ ऊपरी बाहु की हड्डी (ह्यूमरस) और कंधे के सॉकेट (ग्लीनॉइड) मिलते हैं। इस जॉइंट को चारों तरफ से एक मज़बूत शोल्डर कैप्सूल (संयोजी ऊतक) ने घेरा होता है।

फ्रोज़न शोल्डर तब होता है जब यह शोल्डर कैप्सूल मोटा, कड़ा और सूजा हुआ हो जाता है। इसमें एडहेशन्स (Adhesions) यानी मोटे निशान के ऊतक, बन जाते हैं और सायनोवियल फ्लूइड (जो जॉइंट को चिकना रखता है) कम हो जाता है। इससे कंधे की मूवमेंट बेहद सीमित हो जाती है।

फ्रोज़न शोल्डर की व्यापकता सामान्य आबादी में 2% से 5% है, और 40 से 60 साल की उम्र की महिलाओं में यह सबसे ज़्यादा देखा जाता है।

फ्रोज़न शोल्डर की तीन स्टेजेस

फ्रोज़न शोल्डर तीन चरणों में बढ़ता है:

स्टेज 1: फ्रीज़िंग स्टेज (Freezing Stage)

इस स्टेज में कंधे का दर्द धीरे-धीरे शुरू होता है और बढ़ता जाता है। कंधे को हिलाने पर दर्द होता है और शोल्डर स्टिफनेस बढ़ने लगती है। रात को दर्द और भी बढ़ सकता है, जिससे नींद में परेशानी होती है। यह स्टेज आमतौर पर 6 हफ्तों से 9 महीनों तक चलती है।

स्टेज 2: फ्रोज़न स्टेज (Frozen Stage)

इस स्टेज में दर्द थोड़ा कम हो सकता है, लेकिन शोल्डर स्टिफनेस अपने चरम पर होती है। कंधे को हिलाना बेहद मुश्किल हो जाता है और रोज़ाना के काम प्रभावित होते हैं। यह स्टेज 2 से 6 महीनों तक रह सकती है।

स्टेज 3: थॉइंग स्टेज (Thawing Stage)

इस स्टेज में शोल्डर मोबिलिटी धीरे-धीरे वापस आने लगती है और दर्द कम होता है। पूरी रिकवरी में 6 महीनों से 2 साल तक का समय लग सकता है। सही काइरोप्रैक्टिक उपचार और रिहैबिलिटेशन एक्सरसाइज़ से इस स्टेज को तेज़ किया जा सकता है।

फ्रोज़न शोल्डर के कारण क्या हैं?

  • कंधे को लंबे समय तक न हिलाना (इमोबिलाइज़ेशन)

फ्रोज़न शोल्डर का सबसे बड़ा कारण है कंधे को लंबे समय तक एक जगह रखना। कंधे की कोई भी गंभीर चोट, रोटेटर कफ टियर, कॉलरबोन का टूटना या कंधे की सर्जरी शोल्डर कैप्सूल में सूजन और अकड़न पैदा कर सकती है।

  • डायबिटीज़ (Diabetes)

AAFP की 2016 की मेटा-एनालिसिस के अनुसार, डायबिटीज़ के मरीज़ों में फ्रोज़न शोल्डर होने की संभावना सामान्य लोगों से 5 गुना अधिक होती है। एडहेसिव कैप्सुलाइटिस वाले 30% मरीज़ों में डायबिटीज़ पाई जाती है।

  • थायरॉइड की समस्या

हाइपोथायरॉइडिज़्म (थायरॉइड कम होना) और हाइपरथायरॉइडिज़्म (थायरॉइड ज़्यादा होना) दोनों ही फ्रोज़न शोल्डर के जोखिम को बढ़ाते हैं।

  • उम्र और लिंग

फ्रोज़न शोल्डर सबसे ज़्यादा 40 से 60 साल की उम्र में होता है और पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक देखा जाता है।

  • अन्य स्वास्थ्य समस्याएं

कार्डियोवस्कुलर डिज़ीज़ (दिल की बीमारी), पार्किंसन्स डिज़ीज़, और स्ट्रोक भी फ्रोज़न शोल्डर के खतरे को बढ़ाते हैं।

फ्रोज़न शोल्डर के लक्षण जो नज़र-अंदाज़ न करें

फ्रोज़न शोल्डर के लक्षण जो नज़र-अंदाज़ न करें

इन लक्षणों पर ध्यान दें:

  • कंधे का दर्द जो धीरे-धीरे बढ़ता है, हल्के से लेकर बहुत तीव्र तक
  • शोल्डर स्टिफनेस यानी कंधे को घुमाने या उठाने में तकलीफ
  • रेंज ऑफ मोशन (Range of Motion) का कम होना यानी हाथ ऊपर न उठा पाना
  • रात को दर्द बढ़ना, जिससे नींद प्रभावित हो
  • मसल वीकनेस जैसे कंधे और बाहों की मांसपेशियों में कमज़ोरी
  • रोज़मर्रा के काम जैसे कपड़े पहनना, बाल बनाना या पीठ खुजलाना मुश्किल होना
  • जॉइंट स्टिफनेस की वजह से दोनों एक्टिव और पैसिव मूवमेंट में रुकावट

अगर ये लक्षण 2 हफ्तों से ज़्यादा रहें और बढ़ते जाएँ, तो किसी शोल्डर पेन स्पेशलिस्ट से ज़रूर मिलें।

फ्रोज़न शोल्डर का बिना सर्जरी इलाज कैसे होता है?

American Academy of Orthopaedic Surgeons के अनुसार, फिज़ियोथेरेपी और काइरोप्रैक्टिक उपचार फ्रोज़न शोल्डर का सबसे प्राथमिक और प्रभावी उपचार हैं। एक systematic review में यह बात साबित की गई कि, थेरेप्यूटिक एक्सरसाइज़ और मोबिलाइज़ेशन स्टेज 2 और 3 में दर्द कम करने और शोल्डर मोबिलिटी बेहतर करने के लिए बहुत फायदेमंद माने जाते हैं।

एक रिसर्च के अनुसार, काइरोप्रैक्टिक केयर फ्रोज़न शोल्डर के मामलों में एक प्रभावी उपचार विकल्प हो सकता है खासकर जब लो-फोर्स इंस्ट्रुमेंटल एडजस्टमेंट का उपयोग किया जाए।

1. काइरोप्रैक्टिक एडजस्टमेंट (Chiropractic Adjustment)

काइरोप्रैक्टर कंधे के जॉइंट और स्पाइन के एलाइनमेंट को सही करता है। इससे नर्व कम्प्रेशन (दबाव) कम होता है, शोल्डर कैप्सूल पर दबाव घटता है और जॉइंट मोबिलिटी बेहतर होती है। एक केस सीरीज़ में 50 फ्रोज़न शोल्डर मरीज़ों पर किए गए अध्ययन में अधिकांश मरीज़ों में काइरोप्रैक्टिक उपचार से सुधार देखा गया।

2. मैनुअल थेरेपी और मोबिलाइज़ेशन (Manual Therapy and Mobilisation)

काइरोप्रैक्टर और फिज़ियोथेरेपिस्ट कंधे के जॉइंट को धीरे-धीरे मूव करते हैं ताकि एडहेशन्स ढीले हों और रेंज ऑफ मोशन बढ़े। एक रिव्यू अध्ययन में मैनुअल थेरेपी और एक्सरसाइज़ के कॉम्बिनेशन को फ्रोज़न शोल्डर में प्रभावी पाया गया।

3. मायोफेशियल रिलीज़ और ट्रिगर पॉइंट थेरेपी (Myofascial Release and Trigger Point Therapy)

मायोफेशियल रिलीज़ से कंधे के आसपास की कसी हुई फेशिया (संयोजी ऊतक) को ढीला किया जाता है। ट्रिगर पॉइंट थेरेपी से मांसपेशियों के दर्द के केंद्रों पर सीधे काम किया जाता है, जिससे मसल टेंशन और शोल्डर पेन कम होते हैं।

4. रिहैबिलिटेशन एक्सरसाइज़ और स्ट्रेचिंग

फिज़ियोथेरेपी जो शोल्डर फ्लेक्सिबिलिटी पर फोकस करती है, फ्रोज़न शोल्डर का सबसे पहला और ज़रूरी उपचार है। इसमें शामिल हैं:

  • पेंडुलम स्ट्रेच: कंधे को धीरे-धीरे गोल घुमाना
  • क्रॉस-बॉडी शोल्डर स्ट्रेच: प्रभावित कंधे को छाती की तरफ खींचना
  • टॉवेल स्ट्रेच: पीठ के पीछे तौलिये से कंधे को स्ट्रेच करना
  • फिंगर वॉक: दीवार पर उंगलियों से ऊपर चलना, रेंज ऑफ मोशन बढ़ाने के लिए

5. हीट और कोल्ड थेरेपी

हॉट पैक से मांसपेशियाँ रिलैक्स होती हैं और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। कोल्ड पैक से इन्फ्लेमेशन (सूजन) कम होती है और दर्द में राहत मिलती है। दोनों को बारी-बारी से इस्तेमाल किया जा सकता है।

6. पोस्चर करेक्शन और एर्गोनॉमिक सलाह

गलत पोस्चर कंधे पर अतिरिक्त दबाव डालता है। काइरोप्रैक्टर सही बैठने, सोने और काम करने की पोज़ीशन सिखाता है और एर्गोनॉमिक बदलावों के बारे में सुझाव देता है।

Painflame में फ्रोज़न शोल्डर का उपचार

Painflame में फ्रोज़न शोल्डर का उपचार

Painflame क्लिनिक में हम फ्रोज़न शोल्डर के लिए एक पर्सनलाइज़्ड और नॉन-सर्जिकल ट्रीटमेंट प्लान तैयार करते हैं, जिसमें शामिल हैं:

  • काइरोप्रैक्टिक एडजस्टमेंट: शोल्डर जॉइंट और स्पाइन का एलाइनमेंट सुधारना
  • मैनुअल थेरेपी: मोबिलाइज़ेशन और मायोफेशियल रिलीज़
  • फिज़ियोथेरेपी: रेंज ऑफ मोशन और मसल स्ट्रेंथ बढ़ाना
  • ट्रिगर पॉइंट थेरेपी: दर्द के केंद्रों पर सीधा उपचार
  • पोस्चर करेक्शन: दैनिक जीवन में सही मूवमेंट

14+ वर्षों के अनुभव और 3.1 लाख से अधिक मरीज़ों के उपचार के साथ, Painflame कंधे का दर्द और शोल्डर स्टिफनेस के लिए व्यक्तिगत और नॉन-सर्जिकल उपचार प्रदान करता है।

फ्रोज़न शोल्डर से बचाव के लिए क्या करें?

सलाह के अनुसार:

  • कंधे की किसी भी चोट के बाद जल्दी से जल्दी रेंज ऑफ मोशन एक्सरसाइज़ शुरू करें
  • लंबे समय तक कंधे को एक जगह न रखें, मोबिलिटी बनाए रखें
  • डायबिटीज़ और थायरॉइड को नियंत्रण में रखें, ये फ्रोज़न शोल्डर के बड़े कारण हैं
  • सर्जरी या चोट के बाद फिज़ियोथेरेपी जल्दी शुरू करें
  • कंधे की स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज़ नियमित रूप से करें

निष्कर्ष

फ्रोज़न शोल्डर एक दर्दनाक और धीरे-धीरे बढ़ने वाली समस्या है, लेकिन सही समय पर सही उपचार से इसे बिना सर्जरी ठीक किया जा सकता है। काइरोप्रैक्टिक उपचार, मैनुअल थेरेपी, फिज़ियोथेरेपी और रिहैबिलिटेशन एक्सरसाइज़ मिलकर शोल्डर मोबिलिटी वापस लाने और कंधे का दर्द कम करने में बेहद प्रभावी हैं।

Painflame क्लिनिक, गुरुग्राम में हम आपकी स्थिति का पूरा असेसमेंट करके एक पर्सनलाइज़्ड ट्रीटमेंट प्लान बनाते हैं, ताकि आप जल्द से जल्द दर्द-मुक्त जीवन की तरफ बढ़ सकें।आज ही अपना अपॉइंटमेंट बुक करें

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

फ्रोज़न शोल्डर के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं?

फ्रोज़न शोल्डर के शुरुआती लक्षणों में कंधे में हल्का दर्द जो धीरे-धीरे बढ़ता है, हाथ ऊपर उठाने में तकलीफ, और रात को कंधे का दर्द बढ़ना शामिल हैं। यह दर्द अक्सर एक कंधे में होता है और बिना किसी बड़ी चोट के भी शुरू हो सकता है।

क्या फ्रोज़न शोल्डर बिना सर्जरी ठीक हो सकता है?

हाँ, अधिकांश मामलों में फ्रोज़न शोल्डर बिना सर्जरी ठीक हो सकता है। फिज़ियोथेरेपी, काइरोप्रैक्टिक उपचार और स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज़ से शोल्डर मोबिलिटी धीरे-धीरे वापस आती है। सर्जरी सिर्फ उन गंभीर मामलों में ज़रूरी होती है जहाँ conservative उपचार काम न करे।

फ्रोज़न शोल्डर की जांच कैसे होती है?

डॉक्टर कंधे की एक्टिव और पैसिव रेंज ऑफ मोशन की जांच करते हैं। ज़रूरत पड़ने पर एक्स-रे (अर्थराइटिस जांचने के लिए) या MRI (रोटेटर कफ टियर जांचने के लिए) भी किया जा सकता है। लेकिन अधिकांश मामलों में सिर्फ शारीरिक जांच से डायग्नोसिस हो जाता है।

फ्रोज़न शोल्डर कितने दिनों में ठीक हो सकता है?

यह स्टेज पर निर्भर करता है। बिना उपचार के 1 से 3 साल लग सकते हैं। लेकिन काइरोप्रैक्टिक उपचार, मैनुअल थेरेपी और फिज़ियोथेरेपी के साथ recovery काफी तेज़ हो सकती है। Painflame में कई मरीज़ों को कुछ ही हफ्तों में फ़र्क महसूस होने लगता है।

क्या डायबिटीज़ वाले मरीज़ों को फ्रोज़न शोल्डर ज़्यादा होता है?

हाँ। AAFP की research के अनुसार, डायबिटीज़ के मरीज़ों में फ्रोज़न शोल्डर होने की संभावना सामान्य लोगों से 5 गुना अधिक है। इसलिए अगर आपको डायबिटीज़ है और कंधे का दर्द या शोल्डर स्टिफनेस महसूस हो रही है, तो जल्दी से किसी स्पेशलिस्ट से मिलें।

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